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भाजपा ने याद दिलाया मनमोहन का पुराना बयान

भीमा-कोरेगांव मामले के सिलसिले में पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में इतिहासकार रोमिला थापर और चार अन्य कार्यकर्ताओं ने आज उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा कल गिरफ्तार किये गये इन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर माओवादियों से संपर्क होने का संदेह है।
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस याचिका का उल्लेख कर इस पर आज ही सुनवाई करने का अनुरोध किया। न्यायालय इस याचिका पर अपराह्न पौने चार बजे सुनवाई के लिये तैयार हो गया।

न्यायालय में दायर याचिका में इन कार्यकर्ताओं की रिहाई का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, इन गिरफ्तारियों के मामले की स्वतंत्र जांच कराने का भी अनुरोध याचिका में किया गया है।

उधर, महाराष्ट्र पुलिस द्वारा अपनी गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की याचिका पर दोपहर सवा दो बजे दिल्ली उच्च न्यायालय सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय से मामले में ‘गिरफ्तारी के व्यापक दौर’ के लिए महाराष्ट्र से स्पष्टीकरण मांगने का अनुरोध किया। याचिकाकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय से अपील की है कि वह भीमा-कोरेगांव मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के संबंध में सीधे स्वतंत्र जांच का निर्देश दें।

इससे पहले पुलिस ने इस मामले में जून, 2018 में गिरफ्तार पांच लोगों में एक के ठिकाने से पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश से जुड़ा एक पत्र जब्त किया था। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की ही तरह मोदी को भी निशाना बनाने की बात कही गई थी। इस पत्र से ही वरवरा राव का नाम सामने आया था।

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